तरबूज की खेती कब और कैसे करें..70 दिन में मालामाल खेती ; खेत की तैयारी और बेड निर्माण तरबूज की सफल पैदावार के लिए सबसे पहले बेड तैयार किए जाते हैं, जिनकी चौड़ाई लगभग 3 फीट और एक बेड से दूसरे बेड की दूरी 6 फीट रखी जाती है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए प्रति एकड़ 5-6 ट्रॉली पुरानी गोबर की खाद के साथ डीएपी और पोटाश का उपयोग किया जाता है। आधुनिक खेती के लिए इन बेड पर मल्चिंग पेपर (काली फिल्म) लगाया जाता है ताकि खरपतवार न उगे और नमी बनी रहे। सिंचाई के लिए बेड के अंदर ही ड्रिप लाइन बिछाई जाती है, जिससे खाद और पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंच सके।
उन्नत किस्में और बीज चयन बाजार की मांग और मुनाफे को देखते हुए दो तरह की किस्मों का चुनाव किया जा सकता है। पहली किस्म ‘जन्नत’ है, जो गोल और हरे रंग की होती है; इसका बीज महंगा होता है लेकिन बाजार में इसका रेट अन्य किस्मों से ₹5 से ₹10 प्रति किलो ज्यादा मिलता है। दूसरी किस्म ‘जम्बो रेड’ है, जो काले रंग की और थोड़े लंबे आकार की होती है। जम्बो रेड का वजन 5 किलो तक जा सकता है, जिससे पैदावार अधिक मिलती है। प्रति एकड़ लगभग 200 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
















